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भागवत पुराण

श्रीमद्भागवत पुराण

कृष्ण की लीला और भक्ति का महान् ग्रंथ

पढ़ने का समय

20 मिनट

श्लोक/आयत

18000

अध्याय/भाग

12

काल अनुमान

ईसा सन् 500-900

लेखक

महर्षि व्यास

स्रोत

महापुराण

परिचय

भागवत पुराण सबसे लोकप्रिय और प्रिय पुराण है। इसमें 12 स्कंध हैं और 18,000 श्लोक हैं। यह भक्ति साहित्य का सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ है। भागवत पुराण भगवान कृष्ण की दिव्य लीलाओं, उनके अवतार का उद्देश्य, भक्ति के विभिन्न मार्गों और मोक्ष के संबंध में विस्तार से बताता है। यह पुराण भक्ति आंदोलन का आधार ग्रंथ है।
पुराणकृष्णभक्तिसंस्कृतलीला

📖 परिचय — भागवत पुराण

भागवत पुराण को भक्ति-साहित्य का शिरोमणि माना जाता है और यह अठारह महापुराणों में सर्वाधिक लोकप्रिय ग्रंथों में गिना जाता है। इसके बारह स्कंधों (खंडों) में सृष्टि-वर्णन से लेकर अनेक भक्तों की कथाएँ हैं, पर इसकी सबसे प्रसिद्ध पहचान है दशम स्कंध — जिसमें श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं, गोकुल-वृंदावन के प्रसंगों और उनके संपूर्ण जीवन-चरित्र का विस्तृत वर्णन है। भागवत पुराण भक्ति के दस लक्षणों (दशलक्षण) की अपनी विशिष्ट शब्दावली प्रस्तुत करता है — सर्ग, विसर्ग, स्थान, पोषण, ऊति, मन्वंतर, ईशानुकथा, निरोध, मुक्ति और आश्रय — जिसका शिखर 'आश्रय' अर्थात परम तत्व है। यह पंचलक्षण की परंपरा का खंडन नहीं, बल्कि उसकी अधिक सूक्ष्म व्याख्या है। भागवत पुराण ने भारत की भक्ति-आंदोलन परंपरा (विशेषतः कृष्ण-भक्ति) को गहराई से प्रभावित किया, और आज भी भागवत-कथा के रूप में इसका सार्वजनिक वाचन भारत की सर्वाधिक लोकप्रिय धार्मिक परंपराओं में से एक है।

🔑 मुख्य बातें

  • भागवत पुराण भक्ति-साहित्य का शिरोमणि और सर्वाधिक लोकप्रिय महापुराणों में से एक माना जाता है।
  • इसका दशम स्कंध श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं और जीवन-चरित्र के विस्तृत वर्णन के लिए प्रसिद्ध है।
  • भागवत-परंपरा भक्ति के दस लक्षण (दशलक्षण) की विशिष्ट शब्दावली प्रस्तुत करती है, जिसका शिखर "आश्रय" (परम तत्व) है।
  • यह बारह स्कंधों में विभाजित है।
  • भागवत-कथा के रूप में इसका सार्वजनिक वाचन आज भी भारत की सर्वाधिक लोकप्रिय धार्मिक परंपराओं में से एक है।

📚 भागवत पुराण का विस्तृत अध्ययन-पृष्ठ और मूल ग्रंथ-खंड देखें।

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❓ प्रश्नोत्तर

भागवत पुराण का सबसे प्रसिद्ध भाग कौन-सा है?

दशम स्कंध, जिसमें श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं, गोकुल-वृंदावन के प्रसंगों और उनके संपूर्ण जीवन का विस्तृत वर्णन है।

दशलक्षण क्या है और यह पंचलक्षण से कैसे भिन्न है?

दशलक्षण भागवत-परंपरा की अपनी शब्दावली है जो कथा-तत्वों को दस सूक्ष्म वर्गों में बाँटती है; यह पंचलक्षण का खंडन नहीं, बल्कि उसकी अधिक विस्तृत व्याख्या मानी जाती है।

भागवत-कथा क्या है?

यह भागवत पुराण, विशेषतः दशम स्कंध, के सार्वजनिक कथा-वाचन की परंपरा है, जो आज भी भारत में अत्यंत लोकप्रिय है।

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